देश पर कोरोना संकट, कहाँ है ये स्वम्भू ठेकेदार, न 1 पैसे का डोनेशन, न ही किसी को राशन


मुसीबत के समय ही पता चलता है की कौन काम आता है और कौन नहीं, देश पर वर्तमान में एक बड़ी मुसीबत कोरोना वायरस के रूप में आई हुई है, और इस दौर में कई स्वम्भू क्रन्तिकारी, गरीबों के मसीहा गायब है 

जरुरी नहीं की आप डोनेशन दो, अगर आपके पास खुद ही पैसे नहीं है, या आप खुद मुसीबत में हो तो आपके लिए डोनेशन देना कोई जरुरी नहीं है पर आप कुछ और काम तो कर ही सकते है 

कोरोना संकट के समय देश के बहुत से लोगो ने कोरोना के खिलाफ सरकार को डोनेशन दिया है, इसी पैसे से सरकार बहुत से काम कर रही है, डोनेशन के अलावा बहुत से लोग जनता की मदद भी कर रहे है, उदाहरण के लिए बीजेपी के कार्यकर्त्ता जिनमे से तजिंदर पाल सिंह बग्गा का नाम प्रमुख है वो जरुरत मंदों तक राशन और दवाइयां पहुंचाने के लिए बहुत कुछ कर रहे है, बीजेपी कार्यकर्ताओं के अलावा भी कई संगठनो के कार्यकर्त्ता और लोग जनता की मदद कर रहे है

पर जिन लोगो की तस्वीरें आप ऊपर देख रहे है, और इनके अलावा इन्ही के किस्म के अन्य लोग जो की हर मुद्दे पर सिर्फ भाषण दिया करते थे, वो कोरोना संकट के समय एकदम गायब है 

अभी आपको स्वघोषित और मीडिया का क्रन्तिकारी कन्हैया कुमार कहीं किसी की सहायता करता दिखाई नहीं देगा, न उसके साथी किसी को राशन ही पहुंचा रहे है, इसके साथ साथ आपको दलितों का स्वघोषित मसीहा चन्द्रसेखर रावण भी कहीं दिखाई नहीं देगा, ये एक भी दलित की मदद कोरोना संकट के समय नहीं कर रहा, न डोनेशन का मदद, और न ही जिग्नेश मेवनी और उदित राज जैसे लोग, इनमे से 1 ने भी 1 पैसे का डोनेशन नहीं दिया, और सबकी छोडिये, 1 भी दलित की इन्होने कोई मदद नहीं की, 1 को भी राशन तक नहीं दिया 

आपको ओवैसी भी नहीं दिखाई नहीं देगा, हैदराबाद में ओवैसी के पास 5 हज़ार करोड़ की संपत्ति है, पर दोनों भाइयों में डोनेशन के नाम पर 1 पैसा तक नहीं दिया है

न ही आपको बॉलीवुड के वो भांड दिखाई देंगे जो हर मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तरह तरह के प्रोपगंडा को चलाते है, अनुराग कश्यप, तपसी पन्नू, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर इत्यादि लोग जो हर मुद्दे पर प्रोपगंडा करते है, देश में ये हो या न हो चिल्लाते रहते है, भाषण देते है, इन लोगो ने कोरोना संकट के समय 1 पैसे का डोनेशन नहीं दिया है और न ही ये लोग जनता और गरीबों की कोई मदद ही कर रहे है 

संकट के समय ही इस बात की पहचान होती है की कौन आपका असल हितैषी है और कौन नहीं, और कोरोना संकट के समय ये साबित हो गया की बहुत से लोग जो हर मुद्दे पर सिर्फ भाषण देते है, प्रोपगंडा चलाते है, चिल्लाते है, देश में दंगे फसाद करवाते है, जातिवाद की नफरत फैलाते है, ये लोग संकट के समय कोई काम नहीं आते