विदेशी मुसलमानों को मस्जिदों में छिपा रहा था इलाहबाद यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर, 30 गिरफ्तार


कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रयागराज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सोमवार की देर रात इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शाहिद (Allahabad University Professor Shahid) और 16 जमतियों सहित 30 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

विदेशियों की गिरफ्तारी फॉरेनर्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में जबकि, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शाहिद जमातियों को चोरी-छिपे शहर में शरण दिलाने और महामारी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में पकड़े गए. बता दें कि प्रोफेसर शाहिद दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज की तबलीगी जमात में शामिल हुए थे, जिसकी जानकारी उन्होंने प्रशासन को नहीं दी थी.

गिरफ्तार किए गए आरोपितों में इंडोनेशिया के 7, थाईलैंड के 9, केरल व पश्चिम बंगाल के 1-1 व्यक्ति शामिल हैं. शाहगंज की अब्दुल्ला मस्जिद और करेली के हेरा मस्जिद से जुड़े कई लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. हालांकि इन सभी को महबूबा गेस्ट हाउस समेत अन्य स्थानों पर क्वारंटाइन किया गया था. अब वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाकर उन्हें पुलिस की गिरफ्त में होने की जानकारी दी गई है.



दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के तब्लीगी जमात में विदेशी नागरिकों के साथ ही प्रोफेसर सहित अन्य कई शख्स शामिल हुए थे. थाईलैंड के नौ नागरिक के यहां आने पर पुलिस को खबर दी गई थी, लेकिन अब्दुल्ला मस्जिद व मुसाफिर खाना में ठहरने वाले इंडोनेशियाई नागरिकों के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी.

मरकज में शामिल कुछ विदेशी जमातियों को लॉकडाउन लगने लागू होने पर दिल्ली से बिहार जाते वक्त प्रयागराज में प्रोफेसर शाहिद की मदद से उन्हें अब्दुल्ला मस्जिद में बिना प्रशासनिक जानकारी के रोका गया था. विदेशियों को यहां ठहराने और महामारी एक्ट के तहत प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है.


उधर, जमातियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि उन्हें शहर में शरण दिलाने वाले प्रोफेसर भी जमात में शामिल हुए थे. शहर के रसूलाबाद इलाके में रहने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर शाहिद भी तबलीगी जमात में शामिल होकर शहर में लौटें थे. जिसकी जानकारी उन्होंने तमाम हिदायतों के बावजूद प्रशासन को नहीं दी. सूचना पर पुलिस ने प्रोफेसर समेत उनके पूरे परिवार को क्वारंटाइन में रखा. हालांकि जांच में प्रोफेसर का परिवार कोरोना नेगेटिव पाया गया. जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया.