मुज़फ्फरनगर में ड्यूटी पर थे 4 पुलिस वाले, उन्मादी भीड़ ने मारने के लिए गली में घेरा, भागकर बचाई अपनी जान


उत्तर प्रदेश का मुज़फ्फरनगर अब मजहबी बहुल जिला होने वाला है, यहाँ मजहबी जनसँख्या 45% को भी पार कर चुकी है और मजहबी बहुल इलाकों का ये हाल हो चूका है की योगी राज में भी पुलिस को जान बचाने के लिए भागना पड़ रहा है, कल्पना की जा सकती है की योगी राज की जगह सपा बसपा राज होता तो यहाँ क्या हालात होते 

मामला मुज़फ्फरनगर के जानसठ का है जहाँ लॉक डाउन का पालन कराने के लिए 4 पुलिस वाले ड्यूटी पर तैनात थे, तभी 1 उन्मादी लॉक डाउन तोड़ने लगा पर उसे सामने 4 पुलिस वाले नजर आये, जिन्हें देखकर उन्मादी भागने लगा और गिरकर उसके पैर टूट गए 

इस घटना के बाद उन्मादी ने शोर मचाया तो गली को उन्मादी भीड़ ने चारो ओर से घेर लिया, 4 पुलिस वालो को कई दर्जन उन्मादियों ने घेर लिया जिनमे महिलाएं भी शामिल थी 

इसके बाद मजहबी उन्मादियों की हरकतों को पुलिस वालो ने समझ लिया और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए बाइक पर बैठकर भागना पड़ा, मामला मोहल्ला काजियान का है जहाँ पर इन्द्रसेन सैनी और उनके साथी ड्यूटी पर तैनात थे

जानकारी ये भी सामने आई है की जब पुलिस वाले बाइक पर बैठकर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे तो उन्मादी भीड़ ने उन्हें पकड़ कर मारने के लिए उनका पीछा भी किया

ये हालात तब है जब प्रदेश में योगी राज है, मजहबी उन्मादी बहुल इलाकों में लॉक डाउन की स्तिथि बहुत ख़राब है, देश में रोजाना कोरोना के नए मामले भी बढ़ते ही जा रहे है, लॉक डाउन खुलने के लिए कोरोना का नीचे आना बहुत जरुरी है पर मजहबी उन्मादी प्रशासन का बिलकुल सहयोग नहीं कर रहे और कई मौकों पर तो पुलिस और मेडिकल कर्मियों पर हमले भी किये गए है