मौलाना ने देश को पहले मानने से किया इंकार, देश वेश बाद में पहले सिर्फ मजहब


ये बात कडवी है, अगर पाकिस्तान से आरपार की लड़ाई होगी तो मजहबी उन्मादी भारत की जगह पाकिस्तान का साथ देंगे, क्यूंकि पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है, इस्लाम के नाम पर बनाया गया देश है और ये ही सच है भले आप माने न माने 

इस बात का सबूत मौलाना अली कादरी ने दिया है, मौलाना ने देश को मजहब से पहले मानने से साफ़ इंकार कर दिया, मौलाना से बीजेपी के नेता गौरव भाटिया बाद बार पूछते रहे की बताइए आपके लिए देश पहले है या मजहब, मौलाना ने देश को पहले बताने से बार बार इंकार कर दिया 

मौलाना बड़ी चालाकी से बातों को गोल गोल करते रहे की हम भारत के साथ है, भारत के झंडे के साथ है, पर मौलाना ने देश को मजहब से पहले नहीं बताया 

गौरव भाटिया ने ये भी कहा की चलो मैं कहता हूँ की देश पहले है और धर्म बाद में, अब आप बोलिए देश पहले है और आपका मजहब बाद में, फिर भी मौलाना ने देश को पहले बताने से इंकार कर दिया, देखिये 

अब आप स्वयं समझदार है की अगर पाकिस्तान से आरपार की लड़ाई हुई तो ये मजहबी उन्मादी किसका साथ देंगे

बोलने के लिए बहुत अच्छा है की सेकुलरिज्म है, भाईचारा है पर अगर पूछ लिया जाये की देश पहले है की मजहब पहले है तो बोलने के लिए भी मौलाना देश को पहले नहीं बता सके, लाइव डिबेट में ये हाल है तो बाकि असल में क्या हाल होगा इसकी बस आप कल्पना ही कीजिये