रद्द होगी नफरत फैलाने वाले उन्मादी प्रशांत कनोजिया की जमानत, टांगने की तैयारी में यूपी पुलिस


सोशल मीडिया पर लगातार नफरत फैलाने वाले कथित पत्रकार प्रशांत कनौजिया (Prashant Kanaujia) की मुश्किलें जल्द ही बढ़ने वाली हैं. लखनऊ पुलिस आरोपी की जमानत खारिज कराने कोर्ट जा रही है, जिसके बाद प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तारी की जाएगी. यूपी पुलिस सबूत जुटा रही है जिनके आधार पर अर्जी देकर जमानत खारिज कराई जा सके.

दरअसल, सीएम योगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में प्रशांत कनौजिया को सुप्रीम कोर्ट से इसी शर्त पर जमानत मिली थी कि वह भविष्य में फिर ऐसा नहीं करेगा. इसके बावजूद भी वह लगातार आपत्तिजनक कमेंट करता रहा. हाल हीं में बीजेपी नेता शशांक शेखर ने प्रशांत कनौजिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.

शशांक शेखर सिंह की तहरीर पर आशियाना थाने में आईपीसी की धारा 500, 501 505 और आईटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की है. उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी पर किए कनौजिया के अभद्र ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे हैं.


वहीं इस पूरे मामले में साइबर क्राइम सेल की मदद ली जा रही है. बताते चलें कि प्रशांत कनौजिया को लखनऊ की हजरतगंज पुलिस पहले भी एक बार गिरफ्तार कर चुकी है, जब उसने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में अभद्र ट्वीट किया था. उस वक्त भी प्रशांत कनौजिया को  जेल भेजा गया था. बाद में  हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसे रिहा किया गया था.

धारा 67 आइटी एक्ट में तीन साल की सजा का प्रावधान है. आरोपित पर छवि धूमिल करने की एफआइआर भी दर्ज है. कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अगर न्यायालय में आरोप सिद्ध हो जाता है तो आरोपित को तीन साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है.