फ़्रांस या अमेरिका में बनी कोरोना वैक्सीन तो सबसे पहले भारत को मिलेगी, हो गयी बात, मोदी की जबरजस्त कामयाबी


दुनिया के कई देश अब चीनी वायरस कोरोना की वैक्सीन बनाने के काफी नजदीक पहुँच गए है, कई देशों में जानवरों तो कई देशों में इंसानों पर भी ट्राइल शुरू हो गया है 

फ़्रांस जापान अमेरिका जैसे देशों में रिसर्च काफी आगे तक बढ़ चूका है और अमेरिका में तो इंसानों पर भी ट्राइल चल रहा है 

अब इसी बीच भारत के लिए एक अच्छी जानकारी ये सामने आ रही है की प्रधानमंत्री मोदी फ़्रांस के राष्ट्रपति मक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से वैक्सीन को लेकर लगातार संपर्क में है और फ़्रांस तथा अमेरिका ने भारत को भी उन देशों की लिस्ट में जोड़ दिया है जिनके साथ वो वैक्सीन को सबसे पहले शेयर करेंगे 


अगर फ़्रांस और अमेरिका में वैक्सीन बनती है तो इसे वो देश सबसे पहले अपने नागरिको को देंगे उसके बाद मित्र देशों के साथ वैक्सीन को शेयर करेंगे और फ़्रांस तथा अमेरिका ने भारत को भी सबसे पहले वैक्सीन शेयर करने वाली लिस्ट में जोड़ा है 

हाल ही में अमेरिका की मांग पर भारत ने अमेरिका को हाइड्रोक्सी कोलोरो कुएन भेजी थी जिसके बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था की अगर अमेरिका में वैक्सीन बनी तो भारत को सबसे पहले शेयर की जाएगी

फ़्रांस और अमेरिका वैक्सीन बनाने में सबसे आगे है, इनका रिसर्च भी सबसे आगे चल रहा है, लगभग ऐसी ही रफ़्तार इजराइल और जापान में भी चल रही है और इजराइल और जापान के प्रधानमंत्रीयों से भी भारत के प्रधानमंत्री मोदी की मित्रता काफी अच्छी है, मोदी की कूटनीति का ही असर है की अगर इन बड़े देशों में वैक्सीन बना तो वो जल्दी ही भारत में भी उपलब्ध हो जायेगा 

बता दें की भारत की भी कई कम्पनियाँ वैक्सीन बनाने में लगी हुई है, हालाँकि अभी भारत में इंसानों पर कोई ट्राइल शुरू नहीं हुआ है, पर जापान इजराइल फ़्रांस में रिसर्च भारत से काफी आगे बढ़ चूका है और अमेरिका तो इंसानों पर भी ट्राइल कर रहा है, जानकर मान रहे है की 3-6 महीनो में वैक्सीन आ सकती है, हालाँकि कुछ का कहना है की वैक्सीन में अभी 1 साल तक का भी समय लग सकता है