ये है मास्टर माइंड : भारत में कोरोना फैलाने की बन चुकी है साजिश, पुलिस का खुलासा


भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन देश के दुश्मन नहीं चाहते कि इस महामारी का कहर थमे। पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के जिलाधिकारी कुंदन कुमार का एक पत्र सामने आने के बाद इस बात खुलासा हुआ है कि सीमा पार से कुछ लोग भारत और खासकर बिहार में रणनीति के तहत कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाना चाहते हैं।

सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) से मिले इनपुट्स के आधार पर पश्चिम चंपारण के डीएम कुंदन कुमार ने जिले के एसपी को पत्र लिखकर अलर्ट किया है कि नेपाल (Nepal) से एक समुदाय विशेष के करीब 40-50 संदिग्ध लोगों भारतीय सीमा में कोरोना वायरस फैलाने के मंसूबे से घुसे हैं। 

दरअसल, 3 अप्रैल को एसएसबी ने पश्चिम चंपारण के डीएम को गोपनीय पत्र भेजकर सूचित किया था कि नेपाल के पारस जिले का एक शख्स जालिम मुखिया भारत में कोरोना वायरस फैलाने की साजिश रच रहा है। यह शख्त भारत में अवैध हथियारों की तस्करी में भी शामिल है।



पत्र के मुताबिक भारत में दाखिल होने वाले सभी मुस्लिम हैं। इन लोगों को जालिम मुखिया नाम के शख्स ने भारत में दाखिल कराया है। जालिम मुखिया हथियार तस्कर है। वह नेपाल के जिला पारसा के सेरवा थाना अंतर्गत जग्रनाथपुर गांव का रहने वाला है। जालिम मुखिया ने एक रणनीति के तहत कोरोना संदिग्ध संक्रमितों को नेपाल बॉर्डर रास्ते से भारत में दाखिल कराया है। पत्र में सीमा सुरक्षा बल से अनुरोध है कि वे चौकसी बढ़ा दें। साथ ही ये भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर अच्छे से निगरानी रखी जाए।


डीएम का पत्र मीडिया में आने के बाद राज्य के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने सफाई देते हुए कहा किएसएसबी ने यह नहीं कहा है कि नेपाल से लोग घुसपैठ करके आए गए हैं। एसएसबी ने इसको लेकर आशंका जताई है। हमने पुलिस को अलर्ट कर दिया है और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है। सुबहानी ने कहा कि किसी को भी हमारी सीमा से प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।