विदेशी मुसलमानों को मस्जिदों में छिपाने के मामले में सामने आया ओवैसी का लिंक, हर तरफ साजिश


प्रयागराज में विदेशी जमातियों को गैर कानूनी ढ़ंग से शरण दिलाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बीच करीबी रिश्ता है। खुफिया एजेंसियों को जांच के दौरान जानकारी मिली है कि ओवैसी और प्रोफेसर के बीच 2 महीने में करीब 70 बार फोन पर बातचीत हुई है।

प्रोफेसर शाहिद की कॉल डिटेल खंगालने पर सर्विलांस टीम को पता चला है कि एआईएमआईएम चीफ से दिल्ली और हैदराबाद के नंबरों पर प्रोफेसर की अक्सर बात होती रहती है। यही नहीं, प्रोफेसर का असदुद्दीन ओवैसी से मिलना जुलना भी है।

जांच में पता चला है कि मार्च में 2 बार हैदरबाद से प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद को फोन भी किया गया है। ओवैसी के करीबी के नाम पर उस मोबाइल नंबर का कनेक्शन बताया जा रहा है। यह भी पता चला है कि कुछ साल पहले करेली में एक चुनावी सभा के दौरान ओवैसी आने वाले थे, इस सभा के आयोजकों में प्रोफेसर का नाम भी शामिल था। हालांकि, परमिशन नहीं मिलने पर सभा को निरस्त कर दिया गया था।

बता दें कि कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान दिल्ली के निजामुद्दीन में चार दिन तक तब्लीगी जमात में शामिल होकर प्रयागराज लौटे प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद का पोसपोर्ट जब्त कर प्रशासन ने उनके तीन बैंक अकाउंट्स की जांच के लिए भी लिखापढ़ी की है। निजामुद्दीन की मरकज में तब्लीगी जमात से हिस्सा लेकर बिहार के गया जा रहे विदेशी जमातियों को वीजा नियमों का उल्लंघन कर प्रयागराज में रुकवाने के बाद से ही प्रोफेसर खुफिया एजेंसियों के निशाने पर आ गए थे।

प्रोफेसर ने तब्लीगी जमात में खुद के जाने की बात भी पुलिस से छिपाई थी। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। वहीं, खुफिया एजेंसियों ने भी उनके खिलाफ जांच तेज कर दी थी। करीब हफ्ते से पड़ताल में जुटीं खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि प्रोफेसर शाहिद तुर्की, इंडोनिशाई, थाइलैंड के अलावा बांग्ला, कन्नड़ और मराठी भाषा भी बोलते हैं। उर्दू के साथ ही अरबी और अंग्रेजी में भी वह लिखापढ़ी करते हैं।

मामले में एसडीएम सिटी अशोक कुमार कन्नौजिया ने बताया कि प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद के खिलाफ पुलिस ने 8 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया और 3 दिन पहले उन्हें सेंट्रल जेल नैनी भेज दिया गया। पुलिस के अलावा कई जांच एजेंसियां प्रोफेसर की गतिविधियों और अन्य बिदुंओं पर जांच-पड़ताल कर रही हैं। प्रोफेसर से संबंधित जो भी सूचनाएं मिल रही हैं, उसपर पुलिस की तरफ से आगे की कार्रवाई की जाएगी।