अमेरिका के सबसे बड़े डाक्टर ने कहा - हाथ मिलाने की प्रथा को ख़त्म कर देना चाहिए हमेशा के लिए



कोरोना वायरस फैलने से पहले भारतीय संस्कृति की कई चीजों को बड़ी हीन भावना से देखा जाता था, और उनमे से एक संस्कृति थी नमस्ते की, दुनिया भर के लोगो को छोडिये भारत के लोगो ने भी एक दुसरे से मिलने पर नमस्ते की प्रथा को लगभग समाप्त सा कर दिया था, सब लोग हाथ मिलाते थे, गले मिलते थे, भारत में भी बहुत कम लोग ही नमस्ते करते थे, दफ्तरों इत्यादि में तो हाथ मिलाने की ही प्रथा बन गयी थी, नमस्ते तो पूरी तरह समाप्त हो गया था 

पर जब से दुनिया में कोरोना वायरस फैला उसके बाद से दुनिया नमस्ते की ओर लौट पड़ी, बड़े बड़े लोगो ने एक दुसरे से हाथ मिलाना बंद कर दिया, गले लगना बंद कर दिया, वो नमस्ते करने लगे

अब अमेरिका जो की दुनिया का सबसे एडवांस देश है वहां के सबसे बड़े डाक्टर एंथनी फौसी ने कहा है की - अब दुनिया से हाथ मिलाने की (हैण्ड शेक) की प्रथा को हमेशा हमेशा के लिए ख़त्म कर देना चाहिए 

एंथनी फौसी ने कहा की न केवल कोरोना बल्कि इसके अलावा भी बहुत तरह के फ्लू इस दुनिया में होते है और अगर हाथ मिलाने की प्रथा को हमेशा हमेशा के लिए पूरी तरह ख़त्म कर दिया जाये तो दुनिया भर में बीमार होने वाले लोगो में भारी कमी आयेगी

एंथनी फौसी ने कहा की - हाथ मिलाने से कीटाणु एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति के हाथ पर लग ही जाता है, व्यक्ति अपने हाथों से अपने मुहं पर भी लगाता है और ऐसे में कीटाणु एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति तक पहुँचते है, हाथ मिलाने की प्रथा को बंद कर देने से ये कीटाणुओं का फैलाव कम होगा और बीमार होने वाले लोगो की संख्या में भारी कमी आयेगी 

बता दें की जो बात आज अमेरिका के सबसे बड़े डाक्टर एंथनी फौसी कर रहे है, इस बात को हमारे पूर्वज हजारों साल पहले ही समझ गए थे, तभी भारतीय संस्कृति में हाथ मिलाने जैसी प्रथाएं नहीं बल्कि नमस्ते के द्वारा एक दुसरे का अभिवादन करने की प्रथा थी