दलित हिन्दू फल बिक्रेता ने बताया - भगवा देख मुसलमानों ने मारने के लिए घेर लिया, औरतें भी थी


सबसे पहली चीज तो ये है की ये देश इस्लामिक देश नहीं है, इस देश में संविधान ने सबको धार्मिक स्वतंत्रता दी है, धार्मिक चिन्ह, प्रतिक रखने की स्वतंत्रता, पर सेकुलरिज्म के दौर में हिन्दुओ के सारे अधिकार जैसे समाप्त हो गए है 

बिहार के बेगुसराय में ताजा मामला सामने आया है जहाँ एक दलित फल बिक्रेता को 15-20 मुसलमानों ने मारने के लिए घेर लिया, इस भीड़ में मुसलमान औरतें भी शामिल थी 

दलित हिन्दू फल बिक्रेता ने बताया की - हम हिन्दू है और हम अपना झंडा लगायेंगे, किसी को फल नहीं लेना है तो न ले पर हम अपना झंडा क्यों नहीं लगायेंगे, हम किसी को फल बेचने से मना नहीं कर रहे है, जो फल लेने आयेगा उसे फल देंगे पर अपना झंडा क्यों हटायेंगे 

फल बिक्रेता ने बताया की हम दो थे, और हम सड़क पर ठेला लगाकर फल बेच रहे थे, हम किसी की जमीन पर नहीं थे हम सड़क पे थे जो सबकी है, पर मुसलमानों ने मारने के लिए घेर लिया 

दलित हिन्दू फल बिक्रेता ने बताया की, 15-20 मुसलमानों की भीड़ आ गयी जिसमे मुस्लिम औरतें भी थी, वो हमे मारने की कोशिश करने लगे और चिल्लाने लगे, हम सिर्फ 2 थे, हमारा ठेला फलों से भरा हुआ था, हम रोज कमाने खाने वाले है अगर हमारे ठेले को पलट देते, तो हमारा सारा फल ख़राब हो जाता और फिर हमे नुक्सान होता इसलिए जब वो भीड़ बनाकर हमले के लिए आ गए तो हम वहां से चले गए क्यूंकि हम सिर्फ 2 ही थे 

मुसलमान अपना हरा झंडा, टोपी लगाकर फल सब्जी बेचता है तब किसी को आपत्ति नहीं होती, पर जब किसी ने भगवा झंडा ठेले पर लगा लिया तो उसे मारने आ गए 

इस से पहले नालंदा में नितीश सरकार ने 5 हिन्दुओ के खिलाफ भगवा झंडा लगाने को लेकर FIR दर्ज किया था, और अब बेगुसराय में भगवा झंडा देख 15-20 की मुस्लिम भीड़ 2 दलितों को मारने आ गयी