मुसलमान को हुई भगवे झंडे से आपत्ति, हिन्दू व्यक्ति ने लगा कैसे लिया भगवा झंडा


इस देश में सबको धार्मिक स्वतंत्रता है, ये धार्मिक स्वतंत्रता संविधान से प्राप्त है, सबको अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक प्रतिक लगाने, चुनने का पूरा अधिकार है

पर सेकुलरिज्म की स्तिथि अब ये है की ऊपर तस्वीर में ब्लू शर्ट पहने हुए मुसलमान आज़म नवाज को इस बात से दिक्कत है की किसी हिन्दू ठेले वाले ने अपने ठेले पर भगवा झंडा कैसे लगा दिया

हैदराबाद में एक हिन्दू व्यक्ति अपने ठेले पर अपने धार्मिक मान्यता के हिसाब से भगवा झंडा लगाकर अपना काम कर रहा था, उसे संविधान ने पूरी स्वतंत्रता दी है, वो उसका ठेला है, उसे धार्मिक आज़ादी प्राप्त है, और वो अपने धर्म का पालन कर रहा है

पर आज़म नवाज ने जैसे ही भगवा झंडा देखा, वो इतना भड़क गया की उसने फ़ौरन भगवे झंडे पर आपत्ति शुरू कर दी और पुलिस से शिकायत कर दी, सेक्युलर पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गयी और पुलिस कमिश्नर के हैंडल ने तुरंत आज़म नवाज की शिकायत पर मामले का संज्ञान ले लिया और लोकल पुलिस टीम को मामला सौंप दिया


इस देश में लाखों ठेले और दूकान ऐसे है जहाँ इस्लामिक चिन्ह लगाकर काम धंधा चल रहा है, मुस्लिम ढाबा, मुस्लिम होटल, हलाल शॉप ये सब जायज है पर आज़म नवाज और सेक्युलर पुलिस को आपत्ति सिर्फ तब है जब कोई हिन्दू अपने धार्मिक मान्यता के हिसाब से अपना धार्मिक प्रतिक इस्तेमाल करना शुरू कर दे 

भारत में जो सेकुलरिज्म चल रहा है कदाचित उसका ये ही मतलब है की यहाँ आज़म नवाज को तो पूरी धार्मिक आज़ादी है, वो खुद को मुसलमान कह सकता है, दूकान पर इस्लामिक प्रतिक और चिन्ह लगा सकता है पर कोई हिन्दू खुद को हिन्दू न कहे, कोई अपने दुकान और व्यापार स्थान पर अपने धर्म के प्रतिक और चिन्ह न लगाये वरना आज़म नवाज की धार्मिक भावना आहात हो जाएगी और और सेकुलरिज्म पर अटैक आ जायेगा