मदरसों में सिखाया जाता है काफिरों से नफरत और जिहाद, इसलिए पूरे देश में समान शिक्षा लागू करें : अश्विनी उपाध्याय


भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय (Ashwini Upadhyay) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे देश में समान शिक्षा (Unifrom Education) लागू करने की अपील की है.

उपाध्याय का कहना है कि समान पाठ्यक्रम लागू किए बिना सबका साथ लेना, सबका विकास करना और सबका विश्वास जीतना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. उन्होने मदरसों पर काफिरो से नफरत औऱ जिहाद सिखाने का आरोप भी लगाया है.

अश्विनी उपाध्याय ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा, “भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सभी मदरसों में काफिरों से नफरत और जिहाद करना सिखाया जाता है. 6-16साल के सभी बच्चों के लिए समान शिक्षा (समान पाठ्यक्रम) लागू किये बिना सबका साथ लेना, सबका विकास करना और सबका विश्वास जीतना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है”. उपाध्याय ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री रमेंश पोखरियाल निशंक को भी टैग किया है.

उपाध्याय यहीं नहीं रूके उन्होने सबका साथ सबका विकास औऱ सबका विश्वास जीतने के लिए समान शिक्षा कानून, समान संहिता कानून, घुसपैठ नियंत्रण कानून, समान चिकित्सा कानून, चरमपंथ विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, कालाजादू विरोधी कानून, जनसंख्या नियंत्रण कानून, पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग कानून और अलगाववाद विरोधी कानून बनाने की मांग की है.

इसके अलावा उपाध्याय ने सरकार को सुझाव दिया है कि अलगाववादियों चरमपंथियों आतंकवादियों घुसपैठियों और उनके मददगारों की 100% संपत्ति जब्त कर फांसी देने के लिए तुरंत कानून बनाना चाहिए, गद्दारों का नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग टेस्ट करने के लिए कानून बनाना चाहिए, मुकदमों का फैसला 1साल में करने के लिए स्पेशल कोर्ट बनाना चाहिए”.