बहुत गंदा सेकुलरिज्म : PM मोदी ने रमजान की बधाई दी पर परशुराम जयंती की नहीं


सत्य तो ये है की सनातन धर्म मूल भारतीय संस्कृति है, इस्लाम और ईसाइयत तो विदेशी मजहब है, पर दुःख तब हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मजहब इस्लाम के रमजान की बधाई तो दी पर 25 अप्रैल को परशुराम जयंती की बधाई नहीं दी 

जी हां ये आर्टिकल हम 25 अप्रैल को रात को 11 बजे लिख रहे है, थोड़े समय में 25 अप्रैल ख़त्म होकर 26 अप्रैल हो जायेगा, हमने आर्टिकल लिखने से पहले पुरे दिन इंतज़ार किया है 

25 अप्रैल को भगवान परशुराम जी की जयंती थी, भगवान परशुराम की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने कोई बधाई सन्देश इस देश के हिन्दुओ को नहीं दिया 

जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने रमजान की बधाई जरुर दी, प्रधानमंत्री ने ट्विटर और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रमजान के लिए मुस्लमान समुदाय को तो बधाई दी पर परशुराम जयंती पर हिन्दू समाज को बधाई नहीं दी 


हो सकता है की नरेंद्र मोदी के समर्थन में उनके समर्थक ये कह दे की शायद इसमें भी मोदी जी की कोई कूटनीति रही होगी, पर ये सिर्फ बकवास के अलावा और कुछ नहीं है 

देश का सेकुलरिज्म ही ऐसा है की यहाँ हिन्दुओ से सदा सदा से दोहरा बर्ताव होता आया है और ये एक वास्तविक सत्य है 

आज ही इस देश के एक राज्य झारखण्ड में एक हिन्दू दुकानदार पर इसलिए केस दर्ज कर दिया गया क्यूंकि उस दुकानदार ने अपनी दूकान पर हिन्दू शब्द लिखा था, जबकि इसी देश में मुस्लिम ढाबे, मुस्लिम होटल धड़ल्ले से चलते है