टीवी पर रामायण को बंद करवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा प्रशांत भूषण, कोर्ट में पड़ी लात



भगवान राम के नाम से कई तरह के तत्व परेशां हो जाते है जिसमे कांग्रेस पार्टी, वामपंथी तत्व और मजहबी उन्मादी शामिल है और जब से लोग रामायण सीरियल को टीवी पर उसी उत्साह से देख रहे है जैसे 1990 के ज़माने में देखा करते थे, तब से रामायण विरोधी तत्व बिलबिलाये हुए है 

बिलबिलाहट में कुख्यात वकील प्रशांत भूषण टीवी पर रामायण सीरियल के खलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया, प्रशांत भूषण ने रामायण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और रामायण को बंद करवाने की मांग की 

सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से प्रशांत भूषण को लात मिली है, इसकी घटिया याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर कचरे की पेटी में फेंक दिया है 

प्रशांत भूषण की याचिका पर कोर्ट ने कहा है की - टीवी पर कोई भी किसी भी कार्यक्रम को देखने के लिए स्वतंत्र है, चैनल अपने मन मुताबिक कार्यक्रम टेलीकास्ट करने के लिए स्वतंत्र है 

इस से पहले लॉक डाउन के शुरुवात में दूरदर्शन ने रामायण को फिर से टेलीकास्ट करने का निर्णय लिया था और ये टेलीकास्ट इतना हिट रहा की इसने वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया, 16 अप्रैल को रामायण को 7 करोड़ 70 लाख लोग एक साथ देख रहे थे और ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है 

रामायण को मिल रहे समर्थन से प्रशांत भूषण इतना बिलबिला गया की ये रामायण को टीवी पर बंद करवाने को लेकर कोर्ट तक पहुँच गया पर वहां इसे लात ही पड़ी है