विदेशी ट्विटर चला रहे राहुल गाँधी ने कहा - आरोग्य ऐप खतरनाक है, प्राइवेट है ये, बिलकुल सुरक्षित नहीं



राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी के लिए सकारात्मक राजनीती कुछ है ही नहीं, राहुल गाँधी का तो ये हाल है की सोकर उठे और मोदी और मोदी सरकार के खिलाफ कुछ न कुछ नकारात्मक कहा, इसके अलावा इनकी राजनीती में कुछ है ही नहीं 

हाल ही में मोदी सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप लांच किया था, इस ऐप को करोडो भारतीयों ने अपने फ़ोन पर डाला हुआ है, इस ऐप के जरिये भारतीयों तक कोरोना को लेकर खबरें, डाटा इत्यादि रोजाना पहुँचता रहता है

अब राहुल गाँधी को ये ऐप पसंद नहीं आ रहा, राहुल गाँधी ने आज आरोग्य ऐप को खतरनाक घोषित कर दिया और भारतीयों के मन में इस ऐप के प्रति खौफ भरने की कोशिश की 

राहुल गाँधी ने कहा की - आरोग्य ऐप तो प्राइवेट है, इसे प्राइवेट लोग हैंडल कर रहे है, ये सुरक्षित नहीं है, ये खतरनाक है, हमारी प्राइवेसी का क्या, हमारा डाटा सुरक्षित नहीं है, देखिये 
लोगो को आरोग्य ऐप के जरिये कोरोना को लेकर काफी जानकारियां मिल रही है, और इस ऐप पर कोई खास जानकारी भी नहीं मांगी जाती, सिर्फ फ़ोन नंबर ही वेरीफाई होता है, पर राहुल गाँधी इस ऐप को लेकर अब लोगो के मन में खौफ भर रहे है, बिलकुल वैसे ही जैसे ये आधार कार्ड के मामले पर भरते थे और प्राइवेसी और डाटा का मामला उठाते थे

यहाँ सबसे बड़ी चीज ये है की राहुल गाँधी खुद विदेशी ट्विटर, फेसबुक जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर है, इन प्लेटफॉर्म्स पर राहुल गाँधी ने अपना ईमेल, नंबर, नाम, पता सबकुछ दिया हुआ है, इनको 100% विदेशी और इन प्राइवेट प्लेटफॉर्म्स से समस्या नहीं है, पर क्यूंकि मोदी का विरोध कैसे करे तो चलो आरोग्य ऐप का विरोध करते है, ये ही राहुल गाँधी की पूरी राजनीती है