टीवी पर रामायण महाभारत आने से आब बबूला हुआ यशवंत सिन्हा, जमकर कोसा मोदी को



रामायण और महाभारत इस देश की मूल संस्कृति है, इस्लाम और ईसाइयत तो विदेशी मजहब है पर रामायण और महाभारत इस देश के ही है, पर जैसे की कुछ लोगो को 'मुस्लिम ढाबे' से कोई समस्या नहीं है पर 'हिन्दू फल दूकान' से समस्या है उसी तरह देश में कई तत्वों को रामायण और महाभारत से घोर समस्या है 

ऐसे ही लोगो में यशवंत सिन्हा भी शामिल है जो की रामायण और महाभारत के टीवी पर प्रसारण से आग बबूला हो चुके है 

पहले आपको बता दें की देश में लॉक डाउन है और सीरियल इत्यादि की कोई शूटिंग नहीं चल रही, सभी चैनल अपने पुराने कार्यक्रम दिखा रहे है जिनके राइट्स उनके पास है 

दूरदर्शन के भी वर्तमान के सभी कार्यक्रमों की शूटिंग रुकी हुई है अतः लोगो की डिमांड और शूटिंग रुकने के कारण दूरदर्शन ने रामायण और महाभारत जैसे सीरियल्स का पुनः प्रसारण आरंभ किया 

रामायण और महाभारत टीवी पर सुपर डुपर हिट साबित हुए और रामायण ने तो नया वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया, 16 अप्रैल को 7 करोड़ 70 लाख लोग रामायण एक साथ देख रहे थे जो की नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है 

अब रामायण को मिल रहे इस समर्थन से कांग्रेस पार्टी, वामपंथी तत्व और मजहबी उन्मादी आक्रोशित है और प्रशांत भूषण ने तो रामायण और महाभारत को बंद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी लगा दी जहाँ उसे जोरदार फटकार मिली 

अब इसी प्रशांत भूषण के एक और साथी यशवंत सिन्हा ने रामायण और महाभारत के प्रसारण पर मोदी को जमकर कोसा 

आग बबूला हुए यशवंत सिन्हा ने कहा की - जो लोग दूरदर्शन को चला रहे है उनके लिए अब देश हिन्दू राष्ट्र हिया और लॉक डाउन का बहाना लेकर मोदी सरकार अपना एजेंडा चला रही है 

यशवंत सिन्हा आग बबूला होकर बता रहा है की रामायण और महाभारत हिन्दुओ का एजेंडा है और इस से देश में सेकुलरिज्म खतरे में आ गया है

जो महाभारत और रामायण इस देश की मूल संस्कृति है उसे यशवंत सिन्हा आग बबूला होकर एजेंडा बता रहा है, इस से स्पष्ट होता है की रामायण और महाभारत तथा सम्पूर्ण हिन्दू धर्म और हिन्दू समाज से सेक्युलर और वामपंथी तत्व कितनी नफरत करते है