राममंदिर रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची आंबेडकरवादी संस्था, कोर्ट ने 1 लाख का जुर्माना लगाकर भगाया


एक अम्बेडकरवादी संस्था पर सुप्रीम कोर्ट ने 1 लाख का जुर्माना लगाया और अम्बेडकरवादी संस्था की याचिका को फाड़कर फेंक दिया, याचिका में न कोई तर्क था न कोई सबूत था न कोई लोजिक 

एक अम्बेडकरवादी संस्था ABF सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को रोकने की मांग की, कहा की वो जमीन बुद्ध मंदिर की है और राम मंदिर के निर्माण पर रोक लगा दी जाये

संस्था ने कहा की खुदाई में जो चीजें मिली है वो हिन्दू मंदिर के अवशेष नहीं बल्कि बौद्ध मंदिर के अवशेष है, उस स्थान पर बौद्ध मंदिर था और राम मंदिर पर रोक लगा दी जाये 

कोर्ट ने याचिका को पढने के बाद उसे तुच्छ घोषित कर दिया, याचिका लगाने वालो के पास कोई प्रमाण ही नहीं की अवशेष बुद्ध मंदिर के है, न ही याचिका में कोई तर्क न लोजिक दिया गया, कोर्ट ने याचिका को तुच्छ कहा और फाड़कर फेंक दिया, साथ ही कोर्ट का समय बर्बाद करने पर याचिका लगाने वाली संस्था पर 1 लाख का जुर्माना भी लगा दिया 


सुप्रीम कोर्ट ने याचिका लगाने वालो को 1 महीने में 1 लाख का जुर्माना भरने को कहा है, अगर ये जुर्माना नहीं भरते तो फिर इनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलेगा