मासूम और बेचारी नहीं बल्कि आतंकवादी और हत्यारी सफूरा



दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारी की हत्या की योजना थी – DCP अमित शर्मा की हत्या की कोशिश की गई
कांस्टेबल रतनलाल को पत्थरों से पीट पीट कर मार डाला गया

दिल्ली दंगो की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ हैं। कांस्टेबल रतनलाल की चार्जशीट में कई भयानक तथ्य सामने आए हैं।

23 फरवरी की रात को चांद बाग में एक गुप्त मीटिंग की गई। जिसमें ये योजना बनाई गई कि 23 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने इतना बड़ा हंगामा होना चाहिए कि पुरी दुनिया को पता चल जाएं।

इसी मीटिंग में आम आदमी पार्टी के नेता मोहम्मद अथर ने कहा कि सभी लोग रॉड, पत्थर, हथियारों की तैयारी में लग जाओ। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में 24 फरवरी को दिल्ली पुलिस के किसी बड़े अपराधी को घेरकर मारने का निर्णय लिया गया।

24 फरवरी को सुबह दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डीसीपी अमित शर्मा को घेरकर CAA विरोधी आंदोलन में बैठी मुस्लिम महिलाओं ने हत्या की कोशिश की।


डीसीपी अमित शर्मा के पीछे भयानक मुस्लिम भीड़ पत्थर मारती हुई दौड़ी और यहाँ तक कि वो भागकर जिस अस्पताल में गए का अस्पताल को भी जलाने की कोशिश की गई।

डीसीपी अमित शर्मा की हत्या की कोशिश के तुरन्त बाद कांस्टेबल रतनलाल की ISIS स्टाइल में पत्थरों से पीट पीट कर हत्या कर दी गयी।

24 फरवरी को चांद बाग में हथियार लाने, पत्थर, एसिड बम सबकी तैयारी बहुत लंबे समय से की गई थी।

पुलिस चार्जशीट में दंगो, हत्याओं की साजिश रचने व लोगों की भड़काने में सफूरा जरगर की पूरी भूमिका का जिक्र हैं। बेचारी सफूरा असली में हत्यारी सफूरा निकली। full-width