गोली खाई हिन्दुओ ने और इतिहास लिखा जायेगा फैज़ खानों का, नहीं चलेगा ! न की जाये गंदे सेकुलरिज्म की नौटंकी


राम मंदिर का भूमिपूजन 5 अगस्त को है, इसे लेकर तरह तरह की खबरें सामने आ रही है, कोई कह रहा है की मुस्लिम भी राम मंदिर के भूमिपूजन में जायेंगे, कोई कह रहा है फैज़ खान मिटटी डालेगा, कोई कह रहा है आज़म खान समाधी ले लेगा इत्यादि इत्यादि 

राम मंदिर और भगवान राम के ये लोग इतने ही बड़े भक्त है तो सबसे पहले तो ये हिन्दू धर्म में घर वापसी करे, विदेशी धर्म को तुरंत त्याग दे, ये फैज़, आज़म नाम सब विदेशी है, उसके बाद ही ये राम मंदिर की मिटटी डालने आये 

बहुत से सेक्युलर जो की कदाचित राम मंदिर ट्रस्ट और आरएसएस VHP में है वो इन फैज़ खानों, आज़म खानों को बढ़ावा दे रहे है, इन सेक्युलर तत्वों को पता होना चाहिए की राम मंदिर सेकुलरिज्म का प्रतिक नहीं है, राम मंदिर सिर्फ हिन्दू आस्था का मसला है, राम मंदिर के लिए हिन्दुओ ने 500 साल तक संघर्ष किया है 

राम मंदिर के लिए अनगिनित हिन्दुओ ने जान दी है, कितने फैज़ खानों ने जान दी है ये सेक्युलर तत्व बताये ? गोली खाए हिन्दू और कल इतिहास लिखा जाये की राम मंदिर की नीव फैज़ खान, अब्दुल, फिरोज, ने रखी थी, ये नहीं चलेगा 

जो लोग सत्ता में है वो लोग गंदे सेकुलरिज्म को न फैलाये, ये सत्ता तुम्हे हिन्दुओ ने दी है और हिन्दू तुम्हे जमीन चटा सकता है, राम मंदिर हिन्दू आस्था का मसला है राजनीती और सेकुलरिज्म का बिलकुल भी नहीं और राम मंदिर का इतिहास हिन्दू गौरव और संघर्ष का प्रतिक हो न की सेकुलरिज्म का