मरते समय नहीं बोला था मोहनदास गाँधी ने 'हे राम', खुलासा किया उनके ही निजी सचिव ने



फर्जी इतिहासकारों ने देश को बड़े पैमाने पर ठगा है, ये ठगी झूठ के जरिये की गयी है, इन फर्जी इतिहासकारों ने एक बड़ा झूठ ये फैलाया की मोहनदास गाँधी ने मरते समय 'हे राम' कहा था 

अक्सर आपको ये बताया जाता है की मरते समय मोहनदास गाँधी ने हे राम कहा था और इसी कारण मोहनदास की समाधी पर भी हे राम लिखा हुआ है

पर मोहनदास गाँधी के ही निजी सचिव रहे वी कल्याणम ने खुलासा किया है की मरते समय मोहनदास गाँधी ने हे राम जैसा कोई शब्द नहीं कहा था 

मोहनदास गाँधी को नाथूराम गोडसे ने गोलियां मारी थी, इसके बाद मोहनदास गाँधी वहीँ जमीन पर गिर गए थे, मोहनदास गाँधी के ही पीछे उस समय वी कल्याणम थे जो की मोहनदास के निजी सचिव थे

वी कल्याणम ने पुरे घटना को अपनी आँखों से देखा वो घटना के गवाह थे, उन्होंने ही बताया है की गोली लगने के बाद मोहनदास गाँधी गिर गए और फिर उन्हें अस्पताल लेकर जाया गया, इस दौरान मैं उनके साथ ही था 


वी कल्याणम ने बताया की मोहनदास गाँधी गोली लगने से मर गए पर उन्होंने गोली लगने से मरते तक 'हे राम' शब्द नहीं बोले थे 

वी कल्याणम ने ये भी कहा की मैं हमेशा गाँधी के साथ ही था पर मैंने हे राम उनके मुहं से कभी नहीं सुनी और आजतक ये नहीं पता चला की हे राम वाली बात किसने फैलाई