बोला स्वरूपानंद - रोक दो राम मंदिर का भूमिपूजन, सरकार हाथ भी जोड़े तो भी नहीं जाऊंगा


पुराने ज़माने में कहावत थी की जब भी कोई अच्छा काम होता था तब राक्षसी शक्तियां विघ्न डालती थी, आज भी ये कहावत बिलकुल सिद्ध साबित हो रही है 

5 अगस्त को श्री राम मंदिर का भूमिपूजन का कार्यक्रम है, इसे लेकर सेक्युलर, वामपंथी, मजहबी उन्मादी और मिशनरी तत्व भडके हुए है, किसी को भूमिपूजन रुकवाना है, कोई कोर्ट पहुँच रहा है, किसी को दूरदर्शन पर प्रसारण से आपत्ति है 

इन लोगो के साथ साथ अब सोनिया गाँधी का करीबी स्वरूपानंद भी मैदान में है और ये भी चाहता है की भूमिपूजन को रोक दिया जाये 

स्वरूपानंद द्वारिका मठ का शंकराचार्य है और कांग्रेस का करीबी है, इसके सोनिया गाँधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से बड़े अच्छे रिश्ते है, वही कांग्रेस जो भगवान् राम को लेकर कह चुकी है की राम तो कोई था ही नहीं, वही कांग्रेस जो राम सेतु भी तुडवाना चाहती थी 

स्वरूपानंद ने राम मंदिर के भूमिपूजन का विरोध किया और बहाना दिया मुहूर्त का, स्वरूपानंद के अनुसार मुहूर्त अच्छा नहीं है इसलिए भूमिपूजन को रोक देना चाहिए 

एक सवाल पुछा गया की क्या आप भूमिपूजन में जायेंगे, तो स्वरूपानंद ने घमंड से कहा की - सरकार मेरे सामने हाथ भी जोड़े तो भी मैं भूमिपूजन में नहीं जाऊंगा 


बता दें की स्वरूपानंद को न ही सरकार ने बुलाया है और न ही अबतक राम मंदिर ट्रस्ट ने ही न्योता दिया है, इसके बाबजूद ये कह रहा है की सरकार हाथ भी जोड़े तो भी नहीं जाऊंगा 

स्वरूपानंद को कोई पूछ नहीं रहा इसके बाबजूद ये बिलबिला रहा है, साफ़ हो रहा है की इसे राम मंदिर के निर्माण से बहुत दिक्कत है वैसी ही दिक्कत जैसी कांग्रेस नेताओं को है