इस से पहले की जज भेजते तिहाड़, भाग खड़ा हुआ राजदीप सरदेसाई, चला रहा था प्रोपगंडा


फर्जी पत्रकारों ने इस देश में जितनी गन्दगी मचाई है उसके बारे में जितना बोला और लिखा जाये वो कम है, इन लोगो ने पत्रकारिता को इतना बदनाम किया है की आज लोग इमानदार पत्रकारों को भी शक की नजर से देखते है 

ऐसे ही फर्जी पत्रकारों में राजदीप सरदेसाई भी एक प्रमुख फर्जी पत्रकार है, राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बीच में ही घमासान चल रहा है, वहां कांग्रेस की सरकार गिरने का खतरा है और राजदीप सरदेसाई इस से बेहद परेशान है, कांग्रेस के सत्ता में रहने से राजदीप का बहुत फायदा है और इसी कारण ये नहीं चाहता की कांग्रेस की सत्ता जाये 

राजस्थान सरकार और कांग्रेस के ही विधायकों मामला जयपुर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और आज सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरुण मिश्रा इस से जुड़े एक केस की सुनवाई कर रहे थे, सुनवाई से पहले राजदीप सरदेसाई ने सोशल मीडिया पर जस्टिस अरुण मिश्रा के खिलाफ हमला बोलना शुरू कर दिया और उन्हें बीजेपी का करीबी बताया, देखिये 



प्रधानमंत्री मोदी एक वर्ल्ड लीडर है और एक कार्यक्रम में जस्टिस अरुण मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर दी थी, आज राजस्थान के मामले की सुनवाई थी और सुनवाई अरुण मिश्रा को करनी थी तो राजदीप सरदेसाई जस्टिस अरुण मिश्रा पर ही हमला करने लगा और उनके बीजेपी का करीबी बताने लगा 

ऐसा काम कांग्रेस के भी किसी नेता ने नहीं किया पर राजदीप सरदेसाई जो खुद को निष्पक्ष पत्रकार कहता है वो बिलबिलाने लगा, ये मामला कोर्ट के अवमानना का है और एक शख्स ने राजदीप सरदेसाई को कमेंट में बताया की इस त्वीट से कोर्ट की अवमानना होती है और राजदीप के खिलाफ इसे लेकर केस चल सकता है, हाल ही में ऐसे ही एक त्वीट को लेकर कुख्यात वकील प्रशांत भूषण पर भी सुप्रीम कोर्ट में केस दर्ज हुआ है 

कोर्ट की अवमानना एक सीरियस अपराध है और इसकी सजा 3 साल तक की है, राजदीप सरदेसाई समझ गया की उसपर भी केस चल सकता है और वो सीधा तिहाड़ पहुँच सकता है तो वो त्वीट को दौरान डिलीट कर भाग गया, पर भागने से राजदीप सरदेसाई ने अपना प्रोपगंडा बखूबी चलाया