भीम आर्मी के नेता मोहम्मद ग़ाज़ी ने दलित महिला को रौंदा, मारा और जमीन हड़प ली


उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल हो चुके बिजनौर जिले के बढ़ापुर विधानसभा से बसपा की टिकट पर विधायक रह चुके भीम आर्मी नेता मोहम्मद गाज़ी पर एक दलित महिला को जातिसूचक शब्द कहने, अपमानित करने व उसकी ज़मीन कब्जाने के सिलसिले में एससी एसटी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

इससे पहले भी उनके खिलाफ मंडावली थाने में दो और मंडावर थाने में एक मुकदमा दर्ज हो चुका है। जिसके बाद एक दलित अन्य दलित महिला के साथ भीम आर्मी नेता व पूर्व विधायक ने महिला को उसकी जाति से नीच बताते हुए उसके साथ मार पीट भी करी है।
 
जिस पर मंडावली थाना क्षेत्र के गांव राहतपुर निवासी सरोज देवी पत्नी गूटी उर्फ हरि सिंह ने बढ़ापुर विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक शेरकोट निवासी मोहम्मद गाजी के खिलाफ काफी समय से एक बीघा जमीन पर कब्जा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

महिला का आरोप है कि उसकी खसरा नंबर 23 की कृषि भूमि पर चार मीनार स्टोन क्रेशर स्वामी मो. गाजी और उसके दो भाइयों मो. कमाल और मो. दानिश द्वारा वर्ष 2011 से अवैध कब्जा किया हुआ है।

साथ ही महिला ने आरोप लगाया कि जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग पर पूर्व विधायक और उसके भाइयों ने उससे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी तथा जमीन को कब्जामुक्त करने के लिए दस लाख रुपये की मांग की है।

जान से मारने की धमकी के बाद से महिला डरी हुई है जिसके बाद उसने प्रसाशन से गुहार लगाई है।

ज्ञात होकि पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के खिलाफ पहला मुकदमा राहतपुर खुर्द गांव निवासी कपिल कुमार ने दर्ज कराया था। इसके बाद इसी गांव की महिला सरोज देवी ने मंडावली थाने में दूसरा और चंदक निवासी सुधीर कुमार ने मंडावर थाने में तीसरा मुकदमा दर्ज कराया था।

आपको बता दें कि पूर्व विधायक ने बीते दिनों ही बसपा छोड़ भीम आर्मी की सदस्यता ग्रहण करी थी। लेकिन उनकी दलितों के प्रति द्वेष व शोषण की पृष्टभूमि उनपर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है।

खैर मंडावली पुलिस ने एससी एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।