मौलवी का ऐलान - "अब गुरूद्वारे को बनायेंगे मस्जिद, नहीं छोड़ेंगे किसी काफिर को"



आप भले लंगर लगाये, सेकुलरिज्म का नारा दे और ये भी बार बार दोहराए की सभी धर्म एक सामान है, पर मजहबी उन्मादी आपको सिर्फ और सिर्फ काफिर ही बताएँगे और ये बात एक बार नहीं बल्कि अनगिनित बार साबित होती आई है और फिर साबित हो रही है 

हाल ही में मुसलमानों ने टर्की में एक चर्च को मस्जिद बना दिया, अब पाकिस्तान के लाहौर में मुसलमान एक गुरूद्वारे को मस्जिद बना देना चाहते है

स्थानीय मौलवी ने ऐलान किया है की काफिरों के किसी भी निशानी को छोड़ा नहीं जायेगा और गुरूद्वारे को मस्जिद बनाया जायेगा, ये गुरुद्वारा सिख योद्धा भाई तारू सिंह की याद में 1745 में बनवाया गया था, ये गुरुद्वारा लाहौर के नवलखा बाज़ार में है

भाई तारू सिंह, इस्लाम अपनाने से इंकार किया तो मुस्लिमो ने उतारा था मौत के घाट

इस तस्वीर में आप भाई तारु सिंह को देख सकते है जिन्होंने इस्लाम अपनाने से इंकार कर दिया था और इसी कारण मुस्लिमो ने उनको टॉर्चर कर मौत के घाट उतार दिया था, ये गुरुद्वारा उन्ही की याद में लाहौर में बनवाया गया था 

ये एक ऐतहासिक गुरुद्वारा है, पर चूँकि पाकिस्तान में अब मजहबी उन्माद का राज है इसी कारण अब गुरूद्वारे को मस्जिद बनाया जायेगा, जिस मौलवी की तस्वीर आप ऊपर देख रहे है इसका नाम सोहेल है और इसका कहना है की ये गुरुद्वारा फर्जी है और ये जमीन तो मस्जिद की है

भारत ने इस मामले को उठाया है, भारत सरकार ने पाकिस्तानी सरकार को कहा है की सिख गुरूद्वारे की रक्षा की जाये, हालाँकि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है वो भारत की कितनी बात मानता है वो देखने वाली बात है, हाल ही में इस्लामाबाद में एक कृष्ण मंदिर बन रहा था उसे भी स्थानीय मजहबी उन्मादियों ने तोड़ दिया, और पाकिस्तान की सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की, अब गुरूद्वारे का क्या होगा वो समय बताएगा, पर मजहबी उन्मादी खुलकर बता रहे है की वो किसी काफिर को छोड़ेंगे नहीं, भले उनको कितने भी लंगर खिलाया जाये