मुलायम ने दिया था आदेश, "हिन्दुओ के पैर नही सर और छाती पे गोली मारो" अयोध्या में किया था 500 कारसेवकों का नरसंहार


केंद्र में सेक्युलर सरकार थी, वहीँ उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी, 2-2 बार अयोध्या में रामभक्तों का नरसंहार किया गया, 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू हो रहा है, इस पुनर्निर्माण के लिए हिन्दुओ ने 500 साल तक संघर्ष किया है 

हिन्दुओ का नरसंहार इस्लामिक आतंकवादियों के काल में भी हुआ, ब्रिटिश काल में भी हुआ और 1947 के बाद सेक्युलर काल में भी हुआ, मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में 2-2 बार रामभक्तों का नरसंहार करवाया 

मुलायम सिंह यादव ने आदेश जारी किया था की - इन कारसेवक रामभक्त हिन्दुओ के पैरों में नहीं बल्कि इनके सर छाती और पीठ पर गोली मारो, सरकारी आंकड़े सारे झूठे है, ये सरकारी आंकड़े सेक्युलर सरकारों द्वारा ही बनाये गए है, अयोध्या में मुलायम ने 500 से ज्यादा कारसेवकों का नरसंहार करवाया था, और अधिकतर कारसेवकों को मारकर सरयू नदी में बहा दिया गया, उन दिनों सरयू नदी कारसेवकों के रक्त से लाल हो जाती थी 


राजस्थान के श्रीगंगानगर के एक रामभक्त को गोली मारी गई, वो गोली लगते ही सड़क पर गिर गया, वो जिन्दा था और गोली के कारण अधमरा हो चूका था, उसने वहीँ अपने खून से "सीता राम" लिखा 

फिर मुलायम के आदेश पर उसके सर में 7 गोलियां मारी गई, गिरे हुए कारसेवक के सर में 7 गोली मारी गई और उसे मौत के घाट उतार दिया गया, ये घटना 3 नवंबर 1990 को घटित हुई 


उस कारसेवक की पहचान तक नहीं हो सकी और उसके शव का क्या किया गया ये भी पता नहीं चला, उसे सरयू में बहा दिया गया, ऐसे ही लगभग 500 कारसेवकों का मुलायम ने नरसंहार करवाया 

2 नवम्बर को मुलायम के आदेश के बाद 2 कारसेवकों को पकड़ा गया, इनमे एक थे शरद कोठारी, इंस्पेक्टर ने उनको सड़क पर बिठाया, वो जिन्दा था और गिरफ्त में थे, इंस्पेक्टर ने उनके सर में गोली मारी, भाई को इस तरह मरते देख राम कोठारी भी कूद पड़े, इंस्पेक्टर ने उनको भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया 


आज उन कोठारी बन्दुओं को लोग याद करते है, उन दोनों को मुलायम ने मरवा दिया, आधिकारिक आंकड़ा दिया गया की सिर्फ 17 ही मारे गए, पर असल में 500 से ज्यादा कारसेवकों को मुलायम ने मरवाकर सरयू में फेंकवा दिया, और उनका कभी पता ही नहीं चल सका

मुलायम के इन्ही कारनामो के चलते बाद में उसे मुसलमानों ने "मुल्ला मुलायम" की उपाधि भी दी, मुलायम ने कारसेवकों को मरवाने की बात खुद कई रैलियों में कुबुली और गर्व से कहा की - मुसलमानों का भरोसा जीतने के लिए हिन्दुओ को मरवाना जरुरी था 

आज इन सभी रामभक्तों की को याद करने का दिन है, इन्ही रामभक्तों के बलिदान के कारण बाबरी नाम का कलंक भारत के माथे से मिटाया जा सका और फिर राम मंदिर का पुनर्निर्माण हो रहा है