दीपावली पर जानवरों की बात करने वाले रोहित शर्मा ने जानवर काटने वाले बकरीद की दी बधाई


हमारे देश के फिल्म्बाज हो या क्रिकेटबाज, अधिकांश बेहद ही दोगले किस्म के होते है और अपनी दोगलई का सबूत ये लोग आये दिन देते ही रहते है 

हिन्दू त्योहारों के समय ये लोग जानवरों की बात करने लगते है और हिन्दू समाज के लोगो को सीख देते है की जानवरों का ख्याल रखो, जानवरों को तंग मत करो 

हर हिन्दू त्यौहार पर ये लोग जानवर प्रेमी बन जाते है, कई सारे तो पर्यावरण प्रेमी भी बनते है, जबकि बकरीद जैसे इस्लामी त्यौहार पर जिस दिन अल्लाह और मजहब के नाम पर जानवरों का बड़ी बेरहमी से क़त्ल किया जाता है उस दिन ये लोग जानवरों को काटने की बधाइयाँ देते है 

एक ऐसा ही दोगला क्रिकेटबाज है रोहित शर्मा, पहले तो देखिये ये हिन्दू समाज के लोगो को दीपावली और होली पर किस तरह बधाई देता है, ध्यान दें 



हिन्दुओ के त्यौहार पर रोहित शर्मा जानवर प्रेमी बनता है, हिन्दुओ को सिखाता है की अपने त्यौहार के चक्कर में जानवरों को तंग मत करो, जानवरों का ख्याल रखो

वैसे ये अच्छी बात है की इसे जानवरों से प्रेम है, इसका सन्देश भी अच्छा है, होली, दीपावली या किसी भी दिन जानवरों को तंग नहीं करना चाहिए, उनका ख्याल रखना चाहिए 

अब देखिये यही रोहित शर्मा बकरीद पर किस तरह बधाई दे रहा है, वो बकरीद जिस दिन करोडो जानवरों को काट दिया जाता है, उनका खून बहाया जाता है, हलाल स्टाइल में उनकी गर्दन को काटकर उनको तडपा तडपा के मारा जाता है, देखिये 


बकरीद पर यही रोहित शर्मा जानवरों की रक्षा करो, जानवरों से प्रेम करो, जानवरों को मत मारो, जानवरों का ख्याल रखो, ऐसा कोई ज्ञान नहीं दे रहा

हिन्दू त्योहारों पर ये जानवर प्रेमी बन जाता है, वहीँ जिस दिन असल में जानवर प्रेमी बनना चाहिए, उस दिन इसका सारा जानवर प्रेम ही निकल जाता है, ये दोगलई की चरम सीमा है