इक़बाल अंसारी बन रहा था सच का सिपाही, चाव्हानके ने खोल दी पोल, काशी-मथुरा का नाम सुनकर भाग गया अंसारी


जब जब अयोध्या मसले का जिक्र आता था तब तब मीडिया वाले आपको बाबरी मस्जिद का पक्षकार कहकर पहले हासिम अंसारी और फिर उसके बेटे इक़बाल अंसारी की बात सुनवाते थे 

इन लोगो को सेकुलरिज्म का मसीहा, सच के सिपाही के रूप में पेश किया गया, 5 अगस्त को भूमिपूजन के समय भी इक़बाल अंसारी अयोध्या में मौजूद था 

सुदर्शन न्यूज़ के संपादक सुरेश चाव्हानके भी अयोध्या गए थे और सुरेश चाव्हानके ने इक़बाल अंसारी की पूरी पोल खोल दी 

इक़बाल अंसारी सच का सिहापी बन रहा था, वो कह रहा था की मैं सिर्फ सच के साथ हूँ, मैं इमान वाला हूँ और सच ही मेरा इमान है 

इसके बाद चाव्हानके ने काशी और मथुरा का नाम ले लिया, बता दें की काशी और मथुरा में भी हिन्दू मंदिर ही था जिन्हें तोड़कर मुगलों ने मस्जिद बनाई थी, आज भी कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ के स्थान पर मस्जिदें खड़ी है 

सुरेश चाव्हानके ने इक़बाल अंसारी से कहा की आप काशी और मथुरा की बात भी करिए, उसके तो सारे सबूत मौजूद है, तो सच की बात करने वाला इक़बाल अंसारी जो सच का सिपाही बन रहा था वो भाग खड़ा हुआ, देखिये 
अब इक़बाल अंसारी सच का सिपाही है और सच ही इसका ईमान है तो फिर ये काशी और मथुरा में भी मंदिर बने ऐसा क्यों नहीं कहता, ये काशी और मथुरा का नाम सुनकर भाग क्यों गया, यानि सच नहीं बल्कि फरेब ही इसका इमान है 

सुरेश चाव्हानके ने इक़बाल अंसारी की पोल खोलने के बाद कहा की - मुसलमान सिर्फ मुसलमान ही रहता है