आतंकी हीर खान का गुरु मौलाना निकला बलात्कारी, आतंक के लिए विदेशों से फंडिंग


उत्तर प्रदेश से पकड़ी गयी आतंकवादी हीर खान पर चौेंकाने वाला मामला सामने आ रहा है. प्रयागराज पुलिस को हीर खान के केस की शुरुआती जांच में पता चला है कि यूट्यूबर हीर पाकिस्तान और दुबई समेत कई और देशों के लोगों के साथ व्हाट्सऐप के जरिये बातचीत करती रहती थी. इसके अलावा दुबई में बैठा एक बंदा उसे जिहाद के लिए फंडिंग करता था. इसके अलावा पूछताछ में पता चला है कि हीर जिस लखऩऊ के मौलाना की तकरीर में हिस्सा लेती थी जिसे इसका गुरू बताया जा रहा है, उसपर वाराणसी में बलात्कार का केस भी दर्ज है. पुलिस मौलाना से पूछताछ की तैयारी में है.

हीर खान मामले की जांच के दौरान हैरान करने वाली बात सामने ये आई है कि हीर खान के पास आय का कोई स्त्रोत नहीं था फिर भी वह महंगे मोबाईल, लैपटॉप तमाम तरह के गैजेट, ब्रांडेड कपड़े रखती थी. देशभर में तकरीर या भाषण के लिए ट्रैवेल करती थी तो आखिर इतना पैसा आता कहां से आता था जो वह ऐशोआराम की जिंदगी जी रही थी. 

वहीं पुलिस पूछताछ में पता चला है कि हीर को विदेशों से फंडिंग होती थी, भारत के दुश्मन उसे राष्ट्रविरोधी गतिवित करने के लिए पैसे पहुंचाते थे, हीर जिसकी मदद से यहां जिहाद फैलाती थी. पुलिस जल्द ही उसकी मां, चाचा व अन्य से पूछताछ करेगी. वहीं दुबई वाले बंदे के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है, इसके अलावा हीर के पाकिस्तानियों से भी संपक आए हैं जांच एजेंसियां खोजबीन कर रहीं हैं कि क्या उसे पाकिस्तान से भी पैसा आता था.

हीर खान अब पांच दिन तक पुलिस कस्टडी रिमांड में रहेगी. उससे पूछताछ में कई अहम सुराग मिल सके हैं. इसके अलावा उसके कथित मामू व नूरुल्ला रोड और अटाला के दो युवकों की खोजबीन पुलिस ने शुरू कर दी है. कथित मामू की रोशनबाग में कपड़े की दुकान है. छानबीन में पुलिस को पता चला है कि मुंहबोला मामू ही हीर को सीएए व एनआरसी के खिलाफ बोलने के लिए मंसूर अली पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन में ले गया था. 

वहां पर हीर ने खूब जहर उगला और इसके बाद ही तमाम लोग उससे जुड़े थे. मामू के अलावा इस्लामिक स्टूडेंट आर्गनाइजेशन का सदस्य और उसका बेटा भी हीर को बरगलाता था. वहीं, नूरुल्ला रोड का युवक, जो सऊदी में रहता है वह हीर की आíथक मदद करता था. शहर में रहने वाले भी कुछ युवक उसके संपर्क में थे, जिनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है.

पूछताछ में पता चला है हीर खान सउदी अरब, हैदराबाद, कानपुर, दिल्ली निवासी कुछ युवकों और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र तथा लखनऊ निवासी मौलाना के भी संपर्क में थी. दो साल के भीतर कई शहरों में आयोजित तकरीर में हिस्सा ले चुकी है. पूछताछ में शामिल अफसरों के मुताबिक हीर का एक रिश्तेदार जमात-ए- इस्लाम-ए-हिंद से जुड़ा है. 

इसी रिश्तेदार का बेटा स्टूडेंट इस्लामिक आर्गनाइजेशन का सदस्य है. दोनों के साथ हीर भी मंसूर अली पार्क में सीएए और एनआरसी विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुई थी और भाषण दिया था. अब मौलाना समेत कई शख्स सुरक्षा एजेंसी व पुलिस के रडार पर आ गए हैं.

बुधवार को हीर खान से एटीएस, आईबी तथा अन्य खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की. इस दौरान उसके मोबाईल औऱ लैपटॉप से राष्ट्रविरोधी दस्तावेज बरामद हुए हैं. जिसमें भड़काऊ साहित्य और आपत्तिजनक वीडियो शामिल हैं. पूछताछ में पता चला कि हाईस्कूल में फेल हीर प्रयागराज में वीडियो बनाती थी जिसे कानपुर में बैठा युवक अपलोड करता था.

जिस तरह का राष्ट्रविरोधी साहित्य हीर के मोबाइल और कंप्यूटर पर मिला है, उससे साफ है कि वह किसी आतंकी या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त संगठन से जुड़ी है. फिलहाल उसके बारे में पता लगाया जा रहा है. बुधवार को एटीएस, आईबी समेत तमाम खुफिया विभाग की टीमें हीर खान से पूछताछ करने के लिए खुल्दाबाद थाने पहुंचीं. हीर से पूछताछ और उसके मोबाइल कंप्यूटर में मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस कानपुर के उसके साथियों के बारे में पता लगाने में जुटी है.