"मेरा हीरो है खालिद, उसे गिरफ्तार कर ठीक नहीं किया, ये भारत अब रहने लायक नहीं" : राणा आयूब


JNU का उमर खालिद, आपको याद होगा ये खुद को अथेइस्ट यानि नास्तिक कहा करता था, ये हिन्दू नाम वाले वामपंथियों और सेकुलरों को मुर्ख बनाया करता था और कहता था मैं तो 100% नास्तिक हूँ 

अब इसे दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया है और जब से ये गिरफ्तार हुआ है तभी से मुस्लिम कार्ड खेला जा रहा है, अब ये नास्तिक नहीं बल्कि पक्का मुसलमान बन गया है और ये और इसके साथी कह रहे है की - उमर खालिद को सिर्फ मुसलमान होने की सजा मिल रही है 

JNU में घूम घूम कर खुद को नास्तिक बताने वाला उमर खालिद अब मुसलमान हो चूका है, और जमकर विक्टिम कार्ड भी खेल रहा है, उमर खालिद को हीरो भी बताया जा रहा है और खुद को पत्रकार बताने वाली राणा आयूब ने इसके लिए अपनी छाती भी पीटी है 

राणा आयूब ने उमर खालिद को अपना हीरो बताया है और कहा है की - उमर खालिद की गिरफ़्तारी से साफ़ हो जाता है की अब भारत मुसलमानों के लिए सुरक्षित नहीं रहा

राणा आयूब ने खुलकर इस आतंकवादी का समर्थन कर दिया है, वैसे ये कोई पहला मामला नहीं है, राणा अयूब हर आतंकवादी का इसी तरह समर्थन करती आई है, देखिये किस प्रकार ये उमर खालिद के लिए छाती पीट रही है 
राणा आयूब ने उमर खालिद के अलावा दिल्ली दंगों में पकडे गए एक और आतंकवादी खालिद सैफी का भी समर्थन किया है जो की आम आदमी पार्टी का करीबी है

आतंकवादी की गिरफ़्तारी के बाद अब राणा आयूब को देश सुरक्षित नहीं लग रहा और ये देश का अपमान भी खुलकर कर रही है 

पूरी जमात आतंकवाद के साथ खड़ी है और खुलकर अपने लोगो का समर्थन कर रही है, आतंकवादी इन्हें हीरो लग रहे है, जमात एक शिक्षा भी दे रहे है की चाहे जो भी हो अपने लोगो के साथ खड़े रहना चहिये भले ही वो आतंकवादी ही हो