बन रहा था दलितों का नेता, बुलंदशहर में भीम आर्मी की जमानत जप्त, सूपड़ा ही साफ़


राजनीती दलितों के नाम की पर टिकेट मुसलमान को, दलित भी ये सब अच्छे से देख रहे थे और खुद को दलितों का नेता घोषित करने वाले चन्द्रशेखर रावण का दलितों ने बुलंदशहर में मुह काला कर के रख दिया 

उत्तर प्रदेश में 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे और उनके आज नतीजे सामने आ रहे है, भीम आर्मी चलाने वाले रावण ने अपनी राजनितिक पार्टी लांच की और पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) रख दिया 

बुलंदशहर में दलितों की आबादी अच्छी खासी है और उनके नाम पर राजनीती करने वाले रावण ने प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया 

दलितों ने सोचा की भीम आर्मी किसी दलित को टिकेट देगी पर हुआ इसका उलट, दलितों के नाम पर राजनीती करने वाली भीम आर्मी ने बुलंदशहर सीट पर मोहम्मद यामीन नाम के मजहबी उन्मादी को टिकेट दे दिया 

अब आज नतीजे सामने आये और दलितों ने भीम आर्मी और रावण का मुह ही काला कर दिया, भीम आर्मी की बुलंदशहर में जमानत जप्त हो गयी 

इस सीट को बीजेपी के उषा सरोही ने जीता जबकि दुसरे नंबर पर मायावती की पार्टी रही, इस सीट पर भीम आर्मी का सूपड़ा साफ़ हो गया और जमानत जप्त हो गयी और इसी के साथ दलितों ने खुद को दलितों का नेता बताने वाले रावण का मुह काला कर दिया